मेयर की प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों से अपील, 30 जून तक जमा करें बकाया, मिलेगी 100 प्रतिशत ब्याज माफी
ABHI ABHI BREAKING : प्रदेश सरकार द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों के लिए घोषित की गई 100 प्रतिशत ब्याज माफी योजना को लेकर करनाल नगर निगम ने सक्रियता बढ़ा दी है। महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शहरवासियों से अपील की है कि इस ऐतिहासिक और स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाते हुए 30 जून तक अपना बकाया टैक्स अवश्य जमा कराएं। इस योजना के तहत वर्ष 2010-11 से लेकर 2024-25 तक के बकाया टैक्स पर लगने वाले पूरे ब्याज को माफ कर दिया गया है।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार करनाल के सर्वांगीण विकास और नागरिकों को आर्थिक राहत देने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने दोहराया कि ब्याज माफी का यह फैसला न केवल जनता की जेब का बोझ कम करेगा, बल्कि शहर में चल रहे विकास कार्यों को भी नई गति प्रदान करेगा।
पोर्टल पर ‘स्व-प्रमाणन’ अनिवार्य
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ब्याज माफी का लाभ सीधे तौर पर नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए एक तकनीकी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कर अधीक्षक गगनदीप सिंह और क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अंकुश पराशर के अनुसार, नागरिकों को नगर निगम के ‘प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट पोर्टल’ पर जाकर अपनी संपत्ति के विवरण को ‘स्व-प्रमाणित’ (सेल्फ सर्टिफाइड) करना होगा। सिस्टम द्वारा ब्याज में छूट का लाभ तभी प्रदान किया जाएगा जब डाटा पोर्टल पर सेल्फ-सर्टिफाई हो चुका होगा। इसके लिए वार्ड स्तर पर निगम की टीमें भी नागरिकों की सहायता कर रही हैं।
30 जून के बाद सख्त कार्रवाई
महापौर ने स्पष्ट किया कि कि जो संपत्ति मालिक इस समय सीमा के भीतर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उन्हें 30 जून के बाद बकाया राशि पर 1.5 प्रतिशत प्रति माह की दर से भारी ब्याज देना होगा। साथ ही, बड़े बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाने का मन बना लिया है। समय पर भुगतान न करने वाली संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। महापौर ने करनालवासियों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम को मिलने वाला टैक्स ही शहर में गलियों, सड़कों, लाइट सिस्टम और पार्कों के रखरखाव का आधार है। एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें और 30 जून तक अपना बकाया चुकाकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपना योगदान दें।
योजना के मुख्य बिंदु एक नज़र में
छूट की अवधि : वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के बकाये पर।
अंतिम तिथि : 30 जून 2026 तक एकमुश्त भुगतान अनिवार्य।
अनिवार्य शर्त : पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी का सेल्फ-सर्टिफिकेशन।
जुर्माना : 30 जून के बाद 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज और संपत्ति सीलिंग की संभावना।





























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































