करनाल के 395 गांवों में खोली जाएंगी लाइब्रेरी : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
करनाल, अभी अभी। केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज पढ़ाई का जमाना है। युवा पीढ़ी के लिए शिक्षा जरूरी है। इसके लिए स्कूली शिक्षा के साथ-साथ गांव में ही कोचिंग सेंटर जैसी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला की सभी 395 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी खुलवाएंगे ताकि युवाओं को नौकरी की तैयारी करने के लिए गांव स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध हो सके। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आज अपने प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम के अनुसार नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र में झंझाड़ी, तखाना, पधाना, सीधपुर, अंजनथली, कमालपुर, जाम्बा, सावंत, हैबतपुर और निगधु गांवों का दौरा किया और आम जनता से सीधा संवाद करके उनकी समस्याओं का समाधान किया। केंद्रीय मंत्री रविवार को असंध विधानसभा के गांवों के दौरे पर रहेंगे।
भाजपा ने बिना पर्ची बिना खर्ची नौकरी दी
इस मौके पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पढ़े-लिखे युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना पर्ची-बिना खर्ची सरकारी नौकरी दी जा रही है जबकि पहले की सरकारों में नेताओं के चहेतों और पर्ची-खर्ची के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरी मिलती थी। भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को बदला और पढऩे वाले बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा कि अब केवल पढऩे-लिखने वाले बच्चों को ही सरकारी नौकरी मिलेगी। इसी सोच को लेकर आज कोचिंग सेंटरों में युवाओं की भीड़ लगी हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उनके गांव में ही कोचिंग सेंटर जैसी सुविधाएं मिलें इसके लिए जिला की सभी ग्राम पंचायतों में लाईब्रेरी खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा गांव-गांव में शमशान घाट की चारदीवारी व शेड, पक्के रास्तों का निर्माण व पेयजल की व्यवस्था करवाना भी प्राथमिकता रहेगी।
गांवों में 24 घंटे बिजली देने का दावा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज प्रदेश में म्हारा गांव-जगमग गांव के तहत 24 घंटे बिजली मिल रही है जबकि पहले प्रदेश में बिजली का संकट रहता था और लोगों को मजबूरन सडक़ों पर जाम लगाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि 21 मई को देश में सर्वाधिक बिजली आपूर्ति की गई। मांग के अनुसार 270.80 गीगा वाट बिजली की निर्बाध आपूर्ति की गई। आज के दिन देश में 283 गीगावाट की उपलब्धता है, आने वाले समय में 300 गीगावाट क्षमता के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज से दस साल पहले 250 गीगावाट की डिमांड पूरी करने की क्षमता भी देश की नहीं थी। गांव में बिजली नहीं मिल पाती थी। आज हरियाणा के 6 हज़ार से ज़्यादा गांवों में चौबीस घंटे बिजली दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि 2014 में प्रदेश में 34 प्रतिशत लाइन लॉस थे। बिजली कंपनियों के इस घाटे को कम करके 11 प्रतिशत किया गया। आज समय बदल रहा है ऊर्जा के स्त्रोत भी बदल रहे हैं। आज खाना बनाने के बर्तन से लेकर चलने के लिए वाहन भी ईवी के उपलब्ध हैं। सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत सभी घरों में तीन किलो वाट के सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने आमजन से अपील की कि सरकार की योजना का लाभ उठाएं और देश को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें। खेतों में भी सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाएं और जरूरत से ज़्यादा बिजली का उत्पादन कर उसे सरकार को बेच कर अपनी आमदनी को भी बढ़ाए।

























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































