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करनाल से उठी मांग : जे फार्म आधार पर किसानों को पेमेंट भुगतान की प्रक्रिया लागू करे सरकार

करनाल, अभी अभी। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि गेहूं की लिफ्टिंग तेजी से की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके। प्रदेश की सभी मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हुए हैं। समय पर उठान न होने की वजह से किसानों को पेमेंट का भुगतान भी नहीं होगा, क्योंकि सरकार ने ऐसी व्यवस्था बना रखी है, जिसमें गोदाम में गेहंू पहुंचने के बाद 72 घंटे के भीतर पेमेंट का भुगतान किया जाएगा। यूनियन के प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर हरियाणा मेें जे फार्म के आधार पर पेेमेंट प्रक्रिया शुरू की जाए। यूनियन के प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि वह अपने साथियों सहित कई बार करनाल सहित कई मंडियों का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है और बीच-बीच में बरसात के संकट का अंदेशा भाी बना रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादे और दावे किए थे कि इस बार गेहूं के सीजन में किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। फसल की खरीद सुचारू रूप से होगी। सरकार के यह दावे खोखले साबित हुए हैं। कभी पोर्टल बंद हो रहा है, कभी नमी का बहाना बनाकर किसानों को तंग किया जा रहा है। अगर सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था को भविष्य में जारी रखना है तो इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिएं।
फसल बिकते ही तुरंत कटे जे फार्म
बहादुर मैहला ने कहा कि फसल मंडी में बिकते ही तुरंत जे फार्म काटे जाएं और उसके 48 घंटे तक किसान के खाते में उसकी फसल बिक्री का पैसा पहुंच जाए। उठान और दूसरी समस्याओं के चलते 10-10 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को उनकी फसल का पैसा नहीं मिला है। लेट उठान में किसानों का क्या कसूर है। लिफ्टिंग करवाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है न कि किसानों की किसानों को इस बात की सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल सरकार ने नियम बना रखा है जब तक अनाज गोदाम तक नहीं पहुंचेगा किसान को उसकी पेमेंट नहीं मिलेगी जो बिल्कुल ही गलत है।

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