खराब फसलों का मुआवजा दे सरकार, कृषि मंत्री अपने बयान के लिए मांगे माफी : बहादुर मैहला
करनाल, अभी अभी। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने कृषि मंत्री द्वारा करनाल में दिए गए उस बयान की कड़े शब्दों में आलोचना की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीधी बरसात से पक्की फसलों को कोई नुकसान नहीं होता। यूनियन के प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक किसान होते हुए भी कृषि मंत्री इस तरह के बयान देते हैं। इससे पहले मंत्री ने किसानों की आय दोगुणी करने का झूठा प्रचार किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से गेहूूं, सरसों व अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसान फसलों का मुआवजा मांग रहे हैं और मंत्री बरसात का फायदा बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुख इस बात का है कृषि मंत्री खुद भी एक किसान होते हुए इस तरह की बयान बाजी कर रहे हैं। उनके इस बयान से किसानों में भारी रोष है। बहादुर मैहला ने कहा कि प्रदेश का किसान पहले ही कठिनाइयों का सामना कर रहा है। प्रदेश का मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री दोनों किसान परिवार से होने के बावजूद आज प्रदेश का किसान कमेरा वर्ग कर्ज के बोझ में दबा हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि कृषि मंत्री को तुरंत किसानों से माफी मांगनी चाहिए वरना उन्हें आने वाले दिनों में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। यूनियन का कहना है कि पिछले काफी लंबे समय से बेमौसमी बारिश और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके फसलें खराब हो रही हैं। किसानों को मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की बजाय इस तरह के बयान किसानों के कटे पर नमक छिडक़ने का काम करते हैं।
































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































