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मंडियों में कच्ची पर्ची बंद करने का हाईकोर्ट का आदेश सराहनीय : बहादुर मैहला

करनाल, अभी अभी। हरियाणा की अनाज मंडियों में लंबे समय से चल रहे कच्ची पर्ची सिस्टम पर रोक लगाने के लिए हाइकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के इन आदेशों को भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम ने किसान हितैषी बताया है। इसका स्वागत करते हुए कहा है कि किसानों के साथ मंडियों में होने वाली लूट बंद होगी। यूनियन के प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि अदालत ने हरियाणा कृषि विभाग के एसीएस को 30 दिनों के भीतर यह आर्डर लागू करवाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पारदर्शिता के खिलाफ है और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाती है। हरियाणा में हजारों करोड़ रुपए का धान घोटाला हुआ है इसका सबसे बड़ा माध्यम कच्ची पर्ची ही रहा है। कच्ची पर्ची के कारण किसानों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि अनाज खरीद प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और रिकॉर्ड-आधारित होनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। बहादुर मैहला ने बताया कि अदालत ने यह भी कहा कि मंडियों में किसी भी प्रकार का गैर-आधिकारिक दस्तावेज या अस्थायी पर्ची मान्य नहीं होगी। इसके स्थान पर निर्धारित पोर्टल और आधिकारिक रसीद प्रणाली का ही उपयोग किया जाए। बहादुर मैहला ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कच्ची पर्ची सिस्टम की वजह से किसानों को भुगतान में देरी और कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। यूनियन ने राज्य सरकार से इस फैसले को जल्द लागू करवाने का आह्वान किया है।

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