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प्रोपर्टी टैक्स रिकवरी अभियान, हर सम्पत्ति की जांच करेगा करनाल नगर निगम

करनाल, अभी अभी। नगर निगम करनाल की टैक्सेशन ब्रांच (कर शाखा) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंगलवार को आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता महापौर रेणु बाला गुप्ता ने की। बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स संग्रहण, सर्वे, रिकवरी और नए पीआईडी (प्रोपर्टी आईडी) से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। मेयर ने कहा कि अब व्यापक नागरिकता सहायता सुनिश्चित करते हुए केवल वसूली नहीं बल्कि करनाल को कर संग्रहण में प्रदेश के सबसे अग्रणी शहरों में शामिल करने का लक्ष्य है। इसके लिए निगम की टीमें फील्ड सर्वे, निरीक्षण, सत्यापन करते हुए मिशन मोड में आगे कदम बढ़ाएं।
महापौर ने बताया कि नगर निगम ने नागरिकों के सहयोग से प्रॉपर्टी टैक्स संग्रहण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 29.56 करोड़ रुपए की रिकवरी की जा चुकी है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 4.50 करोड़ रुपए का संग्रहण दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जनसहभागिता और निगम टीम की मेहनत का परिणाम है, जिसे आगे और गति देने की आवश्यकता है।
पीआईडी और सर्वे पर फोकस
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार नगर निगम में अब तक 9,776 नई पीआईडी के लिए आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 4,141 को स्वीकृत किया जा चुका है। 227 मामले लंबित हैं, जबकि 5,408 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए और फील्ड में नियमित सर्वे कर नई संपत्तियों को टैक्स दायरे में लाया जाए।
सेल्फ-सर्टिफिकेशन में प्रगति
नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी के सेल्फ-सर्टिफिकेशन अभियान के तहत अब तक 1,72,169 संपत्तियों में से 71,087 का सत्यापन किया जा चुका है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत और अन्य श्रेणियों की संपत्तियां शामिल हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को और तेज करते हुए 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए।
लाल डोरा क्षेत्र में कार्रवाई
लाल डोरा/पुराने क्षेत्रों में भी प्रॉपर्टी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज की गई है। अभी तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 16,389 संपत्तियों में से 6,952 का सेल्फ-सर्टिफिकेशन किया गया है, जबकि 2,066 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 100 मामले हस्ताक्षर के लिए लंबित हैं।
रिकवरी और सख्ती के निर्देश
महापौर ने कहा कि निगम की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र में निरीक्षण करें और विशेष रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों—जैसे शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट, समारोह स्थल और शिक्षण संस्थानों—को चिन्हित करें। जो संपत्ति स्वामी सुविधाओं का उपयोग करने के बावजूद टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैक्स वसूली में किसी भी प्रकार की अनावश्यक रियायत नहीं दी जाएगी और सर्वे व सत्यापन के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। महापौर ने निर्देश दिए कि बड़े बकायादारों को चिन्हित कर रिकवरी प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए।
जनसहभागिता पर जोर
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने करनालवासियों से अपील की कि वे समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर निगम का सहयोग करें, ताकि शहर के विकास कार्यों को और गति मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह जनसहयोग और निगम की सक्रियता बनी रही, तो करनाल नगर निगम का नाम टैक्स संग्रहण में प्रदेश और देश में शीर्ष स्थान पर दर्ज होगा। बैठक में उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा, जेटीओ अंकुश पराशर, कर अधीक्षक गगनदीप सिंह सहित टैक्सेशन ब्रांच के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सीलिंग नोटिस और कार्रवाई
रिकवरी प्रक्रिया को तेज करते हुए पिछले महीनों में लगातार नोटिस जारी किए गए हैं—
दिसंबर में 140 नोटिस
जनवरी में 265 नोटिस
फरवरी में 369 नोटिस
मार्च में 137 नोटिस तथा 83 अटैचमेंट नोटिस जारी किए गए

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